हृदय रोगों से बचने के लिए रोज खाएं सेव
आयुर्वेद के अनुसार सेब पित्तनाशक, वातनाशक, शीतल, भारी, पुष्टिकारक हृदय के लिए फायदेमंद, वीर्यवर्धक तथा मसाने एवं गुर्दों को साफ करना वाला है। इससे अनेक आयुर्वेदिक दवाइयां बनती है। इसमें सर्वाधिक मात्रा में फास्फोरस होता है। इसके अतिरिक्त इसमें आयरन, प्रोटीन, कैल्शियम, शर्करा तथा बी समूह के विटामिन भी प्र्याप्त मात्रा में होते हैं।
इन बिमारियों में करें सेव का सेवन:
# यह हृदय रोग में बहुत लाभकारी होता है। पथरी रोगी के लिए सेब बहुत फायदेमंद होता है। रोगी को पूर्णतया पके हुए चार-पांच सेब प्रतिदिन खाने को देने चाहिएं। भोजन में शाक-सब्जी व फल देने चाहिए।
# जिगर के रोगी के लिए तो सेब अमृत के समान है। उन्हें दिन में हर बार भोजन से पहले दो ताजा-मीठे सेब खाने चाहिएं या सेब की चाय पीनी चाहिए।
# मस्तिष्क की कमजोरी दूर करने के लिए सेब एक अचूक इलाज है। ऐसे रोगी को प्रतिदिन एक सेब खाने को दें। इसके अतिरिक्त रोगी को दोपहर तथा रात को भोजन में कच्चे सेबों की सब्जी दें।
# बुखार में रोगी को प्यास, जलन, थकान तथा बेचैनी हो तो सेब की चाय या ताजा सेब का रस पिलाना चाहिए। इससे रोगी को तुरंत आराम मिलता है।
# गले में घाव, छाले हों या किसी भी चीज को निगलने में कष्ट होता हो तो अच्छे ताजे सेब का रस निकालें फिर चम्मच से धीरे-धीरे रस गले तक ले जाएं और कुछ समय के लिए गले में रोककर रखें।
# दिल कमजोर हो या दिल की धड़कन कम या ज्यादा हो तो चांदी का वर्क लगाकर सेब के मुरब्बे का सेवन करना चाहिए। इससे मोटापा भी दूर होता है। अनिद्रा के उपचार में भी सेब बहुत उपयोगी है।

No comments